चित्तौड़गढ़। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स (सीएससी) में सघन वृक्षारोपण कार्यक्रमों की श्रृंखला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी आशीष बोरासी द्वारा नीम का पौधा रोपित कर किया गया।
इस अवसर पर आशीष बोरासी ने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस “इंस्पायर्ड बाय नेचर, फॉर क्लाइमेट, फॉर फ्यूचर” थीम के साथ मनाया जा रहा है। यह विषय जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने तथा प्रकृति-आधारित समाधानों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं एसबीयू डायरेक्टर, चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स आलोक रंजन ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह सोचने और समझने का अवसर देता है कि संस्थान के कार्यों में स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) कितनी गहराई से समाहित है। उन्होंने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने, संचालन में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे कंपनी अपने नेट-जीरो लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन कंपनी की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्नत जल उपचार एवं पुनः उपयोग प्रणालियों के माध्यम से ताजे पानी पर निर्भरता कम करते हुए कार्यक्षमता बढ़ाई जा रही है। हाल ही में आयोजित किला एवं नदी सफाई अभियानों में मिली जनभागीदारी उत्साहवर्धक रही है, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज की बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।
सह महाप्रबंधक (पर्यावरण) मनीषा भाटी ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर परिसर में लगभग 2,000 पौधों का रोपण किया गया। उन्होंने बताया कि हरित क्षेत्र के विस्तार के लिए चरणबद्ध पौधारोपण योजना तैयार की गई है, जिसके तहत आगामी समय में भी व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा।
कार्यक्रम में फैक्ट्री मैनेजर पुष्पेंद्र मीणा, के. महेश कन्नन, रिपन घोष, पवन बहेती, ममता शर्मा, यूनियन पदाधिकारी रणजीत सिंह भाटी, एस.के. मोदी, जी.एन.एस. चौहान सहित अन्य अधिकारी एवं बिजनेस पार्टनर्स ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। आयोजन को सफल बनाने में पर्यावरण विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए निरंतर और प्रभावी प्रयास करने का संकल्प लिया।