चित्तौड़गढ़। सदर निम्बाहेड़ा थाने के धीनवा पेट्रोल पंप के पास से 05 जून को उज्जैन जिले के कामली खेड़ा निवासी ज्ञानसिंह पुत्र नागुलाल गुर्जर की भैसों से भरी पिकअप लूट के मामले का सदर निम्बाहेड़ा थाना पुलिस द्वारा खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसी लूट के मामले में 15 जून को सदर निम्बाहेड़ा पुलिस तीन आरोपियों को पिपलिया मंडी से डिटेन कर ला रही थी, जो अपने साथियों के साथ मिल पुलिस पर हमला कर फरार हो गए थे। साथ में पुलिस के हथियार भी लूट कर ले गए थे।
पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत के अनुसार 5 जून को कामलीखेडा जिला उज्जैन निवासी ज्ञानसिंह पुत्र नागुलाल गुर्जर ने थाना सदर निम्बाहेडा पर अपनी रिपोर्ट में बताया कि वह संजय गुर्जर व भगवानसिंह बलाई रानीवाडा सांचोर जिला जालोर से तीन भैंसे खरीद कर पिकअप में भर कर अपने गांव कामलीखेड़ा जा रहे थे कि मध्य रात्रि को धीनवा पट्रोल पम्प के पास पहुंचे कि पीछे से एक बिना नम्बरी मोटर साईकिल पल्सर पर बैठे तीन व्यक्ति ने उनकी पिकअप के आगे गाड़ी लगा दी व कुछ ही देर मे दो और मोटरसाईकिलो पर 4-5 लोग और आये सभी ने गाडी मे से उन तीनो को नीचे खिंच कर डाल दिया और गाड़ी की चाबी छीन ली और लठ व पत्थरो से मारपीट करते हुये करीब 150 मीटर दूर जंगल मे लाईट के पोल पर तीनो को बांध दिया व पिकअप को भैंसो सहित लुट कर ले गये। पिकअप के साथ तीनो के मोबाईल व 14 हजार रूपये नगद भी लुट कर ले गये। घटना की रिपोर्ट पर सदर निम्बाहेड़ा थाने पर लूट का प्रकरण दर्ज जांच नारूलाल उनि के जिम्मे की गई।
मामले की घटना की गम्भीरता के मद्देनजर वीरेन्द्रसिंह पुनि थानाधिकारी सदर निम्बाहेडा को मामले का जल्द खुलासा एवं प्रकरण में वांछित आरोपियों की तलाश कर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। एएसपी बुगलाल मीणा व डीएसपी निम्बाहेड़ा बेनी प्रसाद के निर्देशन में पुलिस टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल के आस पास व टोल नाको के सीसीटीवी फुटेज चैक किये गये। साईबर टीम चित्तौडगढ द्वारा घटना स्थल व रूट के बीटीएस डाटा प्राप्त कर विश्लेषण कर घटना में शरीक आरोपियों को नामजद किया गया व आरोपी शातिर बदमाश होने से टीम ने एमपी पुलिस के सहयोग से दो मुल्जिमान को अलग अलग स्थानों से गिरफतार किये गये एवं तीन मुल्जिमान को नामजद किया है।
तीनों नामजद आरोपियों को सदर निम्बाहेड़ा पुलिस 15 जून को मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी से डिटेन कर ला रही थी, जो अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर नीमच के पास पुलिस के साथ मारपीट कर हथियार लूट कर भाग गए थे। जिसमें एसआई नारूलाल के दोनों पैरों की जांघो में गोली लगने व एक कानि के हाथ की उंगली पर गोली लगने से घायल हुए थे।
उक्त फरार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रत्येक पर 30-30 हजार रुपये के ईनाम की घोषणा की थी। जिसमें से दो आरोपियों लखन बावरी व नरेन्द्र बावरी को मंदसौर पुलिस व चित्तौड़गढ़ पुलिस ने इनके ठिकानों पर लगातार दबिश देकर आमजन के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया है। जिन्हें चित्तौड़गढ़ लाया जाएगा, जिनसे जिले में अन्य कई लूट व नकबजनी की वारदातें खुलने की संभावना है।
आरोपियों ने पुलिस पुछताछ पर बताया कि वे सभी लोग एक जगह इक्टठे होकर रात 11 बजे के बाद सभी मोटरसाईकिलो पर रवाना होकर हाईवे पर सुनसान जगह देखकर वहां से गुजर रहे मोटरसाईकिल सवारो, ट्रको व पिकअप वगैरा वाहनों के आगे मोटरसाईकिल लगा रोक कर उनके साथ मारपीटकर लुटपाट की वारदाते करते रहते है, जो रोजाना अलग अलग जगह निश्चित करके ऐसी घटना को अंजाम देते रहते है।
गिरफ्तार आरोपी-
01- राहुल पिता भैरूलाल नायक उम्र 26 साल निवासी खोर थाना जावद जिला नीमच।
02- बिरमदास उर्फ दिपक पिता दिनेश दास बैरागी उम्र 22 साल निवासी काचरिया रोड शांती विहार कालोनी थाना पिपलिया मण्डी जिला मंदसौर।
नामजद आरोपी-
01- लखन पिता राजु बावरी निवासी पिपलिया पथ हाल मुकाम 88 क्वाटर झोपड पट्टी थाना पिपलिया मण्डी जिला मंदसौर।
02- नरेन्द्र पिता गोर्वधन बावरी निवासी सोकडी थाना पिपलिया मण्डी जिला मंदसौर।
03- दिनेश बावरी निवासी झारड़ा थाना नारायणगढ़ जिला मंदसौर।
घटना का खुलासा करने वाली टीम-
थानाधिकारी विरेन्द्र सिंह पुनि, उनि नारूलाल, एएसआई बाबूलाल, सुन्दरपाल, हैड कानि प्रमोद कुमार, कानि जीवन लाल, नारायण लाल, जगदीश, रवि, दिनेश, घनश्याम सदर निम्बाहेड़ा एवं साइबर सेल के हैड कानि राजकुमार, कानि रामावतार, प्रवीण कुमार सहित मध्यप्रदेश पुलिस का विशेष सहयोग।
विशेष- उक्त प्रकरण को ट्रैस आउट करने मे रामावतार कानि साइबर सैल चित्तौडगढ की विशेष भूमिका रही।