शाजापुर। शहर में सोमवार देर शाम श्री राम श्याम यात्रा पर हुए पथराव के बाद तनाव की स्थिति निर्मित हुई थी, जिसमें पुलिस प्रशासन ने हाबड़ ताबड़ में करीब 10 लोगांे को अभी तक गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही तीन क्षेत्रों में धारा 144 लगाकर भारी पुलिस फोर्स शहर में लगाया था, तभी हिंदूवादी संगठनों ने अपना आक्रोश जताते हुए देर शाम एक विशाल राम श्याम यात्रा निकाली और तब कहीं जाकर प्रशासन ने आरोपियों की घर पकड़ के साथ उनकी अवैध संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाना शुरू की।
प्रशासन ने पत्थर बाजी में बनाए गए मुख्य आरोपी रहीम पटेल के खेत की जमीन की नपती करने उसके खेत पर पहुंचा। जहां बुलडोजर लेकर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमला मौका स्थल पर मौजूद रहा। जैसे ही प्रशासन ने नपती का काम शुरू किया मुख्य आरोपी रहीम पटेल के परिवारजन उक्त जमीन के कागज लेकर प्रशासन के पास पहुंचे और साथ ही हाईकोर्ट में विचाराधीन मामले के कागज एवं हाई कोर्ट के स्टे के कागज प्रशासन को सौंपे और प्रशासन उल्टे पैर बिना कार्यवाही के ही वहां से लौट आया।
इसके बाद मीडिया से बात करते हुए तहसीलदार मधु सक्सेना ने बताया कि मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है। हाई कोर्ट के स्टे के बारे में भी उन्होंने मीडिया को बताया। पटवारी तेज सिंह हनोतिया ने बताया कि मुझे मामले की जानकारी सिर्फ इतनी थी कि मामला प्रशासन के पक्ष में आ गया है, लेकिन उन्हें स्टे से लेकर हाईकोर्ट की जानकारी नहीं है। यहीं सबसे बड़ा प्रश्न खड़ा होता है कि प्रशासन को ही कोर्ट की जानकारी नहीं है और वह कार्यवाही करने मुख्य आरोपी रहीम पटेल के खेत पहुंच गया। जब कागज और स्टे की बात सामने आई तो प्रशासन उल्टे पैर बिना कार्यवाही के ही वापस लौट आया।