गरोठ/शामगढ़। ट्रेन से अचानक उतरकर लापता हुई मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को आरपीएफ, स्थानीय युवक और समाजसेवी की तत्परता से कुछ ही घंटों में सुरक्षित ढूंढ लिया गया। महिला के सकुशल मिलने पर परिजनों ने आरपीएफ टीम, समाजसेवी और स्थानीय युवक का आभार व्यक्त किया।
जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के देहरादून निवासी एक परिवार ट्रेन क्रमांक 20156 के स्लीपर कोच एस-7 में यात्रा कर इंदौर जा रहा था। यात्रा के दौरान परिवार की 38 वर्षीय गीतांजलि लखेरा, जो मानसिक बीमारी (मेंटल डिसऑर्डर) से पीड़ित हैं, शुक्रवार सुबह शामगढ़ रेलवे स्टेशन पर अचानक ट्रेन से उतर गईं। ट्रेन आगे बढ़ने पर परिजनों को इसकी जानकारी लगी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज कराई।
सूचना मिलते ही शामगढ़ आरपीएफ थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार ने महिला की तलाश शुरू कराई। साथ ही महिला का विवरण सोशल मीडिया के विभिन्न स्थानीय ग्रुपों में साझा किया गया।
इसी दौरान वार्ड क्रमांक-14 निवासी शाहनवाज खान ने महिला को रेलवे कॉलोनी स्थित अंडरब्रिज के पास अकेले बैठे देखा। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना समाजसेवी एवं पत्रकार ज़ाकिर अब्बासी को दी। पुष्टि होने के बाद ज़ाकिर अब्बासी ने आरपीएफ थाना प्रभारी को महिला के सुरक्षित होने की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम और महिला के परिजन मौके पर पहुंचे तथा गीतांजलि लखेरा को सकुशल अपने साथ ले गए। महिला के पति संजय लखेरा, जो इंदौर में नौकरी करते हैं, ने आरपीएफ, समाजसेवी ज़ाकिर अब्बासी और शाहनवाज खान का त्वरित सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस की तत्परता, सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग और आम नागरिकों की सजगता मिलकर किसी भी संकट को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।