मुरैना। लखनऊ में हुए दर्दनाक हादसे के बाद मुरैना जिला प्रशासन छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट हो गया है। इसी के तहत शहर के कोचिंग सेंटरों की जांच अभियान में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। जांच के दौरान 56 से अधिक कोचिंग सेंटर सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं।
जांच में सबसे अधिक अनियमितताएं जीवाजी गंज क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थानों में मिलीं। कई कोचिंग सेंटर बिना आवश्यक मानकों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के संचालित पाए गए। अधिकांश संस्थानों में फायर सेफ्टी सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन उपकरण और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं मिले।
जांच टीम के पहुंचते ही दो दर्जन से अधिक कोचिंग संचालक अपने संस्थानों में ताला लगाकर गायब हो गए। प्रशासन ने सभी संबंधित संचालकों से जवाब मांगा है और निर्धारित समय सीमा में सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को भेजी जाएगी। कलेक्टर के निर्देश मिलने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग सेंटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी और कोचिंग संचालक तथा भाजपा नेता प्रताप गुर्जर के बीच हुई बहस का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसकी शहर में चर्चा बनी हुई है।
प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जो कोचिंग संस्थान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।