रायसेन। मध्य प्रदेश सरकार ने 1 जुलाई से सरकारी शिक्षकों के लिए ऑनलाइन ई-अटेंडेंस प्रणाली अनिवार्य कर दी है। इसका उद्देश्य उपस्थिति में पारदर्शिता लाना है। हालांकि, रायसेन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की कमी के कारण यह व्यवस्था शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
रायसेन जिले के पगनेश्वर स्थित शासकीय विद्यालय में शिक्षकों को ई-अटेंडेंस दर्ज करने के लिए स्कूल परिसर से बाहर ऊंचे स्थानों या खुले क्षेत्र में जाकर नेटवर्क तलाशना पड़ रहा है। कई बार ऐप खुलने का आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। इससे छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
प्राचार्य बोले- पहले नेटवर्क व्यवस्था मजबूत हो
विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य सतेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या है। इस वजह से समय पर ई-अटेंडेंस दर्ज करना संभव नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था लागू करने से पहले डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना चाहिए।
शिक्षिका बोलीं- समय पर पहुंचते हैं, लेकिन ऐप नहीं खुलता
उच्च माध्यमिक शिक्षिका वंदना पालीवाल ने बताया कि शिक्षक तय समय पर स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन नेटवर्क नहीं होने से ऐप नहीं खुलता। इससे देर से उपस्थिति दर्ज होने या अनुपस्थित दिखने का डर बना रहता है, जबकि इसमें शिक्षकों की कोई गलती नहीं होती।
स्थानीय शिक्षकों का कहना है कि वे ई-अटेंडेंस प्रणाली का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि पहले नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति में सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों और विद्यार्थियों को हो रहा है।
डीईओ बोले- कम नेटवर्क वाले क्षेत्रों की जानकारी भेजी जाएगी
जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक ने बताया कि 1 जुलाई से शासन ने सभी शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ई-अटेंडेंस प्रणाली लागू की है, जिसका पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि जिले के कुछ क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या है। ऐसे स्थानों का चयन कर उनकी जानकारी संचालनालय को भेजी जाएगी।