बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के लामता थाना क्षेत्र स्थित राघोटोला के संगम घाट में माइक्रो सिंचाई परियोजना के PH-2 प्लांट में हुई भीषण आगजनी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कंपनी के गार्ड की शिकायत पर पुलिस ने ग्राम प्रतापपुर के सरपंच, एक जनपद सदस्य समेत 10 से 11 लोगों के खिलाफ रंगदारी, आगजनी, जानलेवा हमला, मारपीट और धमकी सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि 10 लाख रुपये की कथित रंगदारी नहीं मिलने पर आरोपियों ने प्लांट में आग लगा दी, जिससे करोड़ों रुपये की सामग्री जलकर खाक हो गई। पुलिस ने इस मामले में जनपद सदस्य भुवनेश्वर रजक, सरपंच राजेश सिरसाम, राकेश दमाहे को गिफ्तार कर लिया है, बाकी की शिनाख्त की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, त्रिराज वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के PH-2 प्लांट में तैनात गार्ड अतुल बघेले ने शिकायत दर्ज कराई है कि 1 जुलाई को सरपंच राजेश सिरसाम, जनपद सदस्य भुवनेश्वर रजक, राकेश दमाहे और उनके साथ 7 से 8 अन्य लोग प्लांट पहुंचे और प्रोजेक्ट मैनेजर से 10 लाख रुपये की मांग की। जब कंपनी की ओर से रकम देने से इनकार किया गया तो आरोपी कथित तौर पर आगबबूला हो गए। शिकायत के मुताबिक राकेश दमाहे अपने साथ पेट्रोल से भरी केन लाया था, जिससे प्लांट में रखे पाइप और अन्य सामग्री पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। रोकने पहुंचे गार्ड अतुल बघेले पर भी पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने का प्रयास किया गया, जिसमें उसके हाथ झुलस गए। किसी तरह उसने बारिश के पानी से आग बुझाकर अपनी जान बचाई।
घटना के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर और अन्य कर्मचारी जान बचाकर मौके से भाग निकले। आगजनी में प्लास्टिक पाइप, एचडीपीई फिटिंग, वाल्व, पैनल, स्काडा और अन्य उपकरणों सहित तीन कंटेनरों में रखा सामान जलकर नष्ट हो गया। कंपनी ने करीब 4 से 5 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया है। फिलहाल लामता पुलिस ने सरपंच, जनपद सदस्य सहित अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिफ्तार कर लिया है। बाकी की तलाश जारी है।