मंदसौर। जिले की पिपलिया मंडी स्थित सब्जी मंडी में मूलभूत सुविधाओं के अभाव का खामियाजा पिछले दो दशक से किसान और व्यापारी भुगत रहे हैं। बारिश के मौसम में नीलामी स्थल पर शेड नहीं होने से सब्जियां भीगकर खराब हो रही हैं। कीचड़ और जलभराव के कारण किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों और व्यापारियों ने बताया कि मंडी में नीलामी के लिए पक्का शेड नहीं होने से बारिश के दौरान सब्जियां पानी और कीचड़ में खराब हो जाती हैं। कई बार तेज बारिश में उपज बह भी जाती है। करीब 20 वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
शुक्रवार को जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा ने सब्जी मंडी का दौरा कर किसानों एवं आढ़तियों से चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं।
किसान नाथूलाल पाटीदार ने बताया कि शेड के अभाव में हर बारिश में सब्जियां खराब हो जाती हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं आढ़ती राजेश सैनी ने कहा कि मंडी में शेड, वाहन पार्किंग सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। साथ ही निराश्रित पशुओं के कारण भी व्यापारियों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा कई लोग घायल भी हो चुके हैं।
व्यापारियों ने मांग की कि वर्तमान मंडी में शीघ्र शेड और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं अथवा सब्जी मंडी को किसी सुविधायुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा ने कहा कि सब्जी नीलामी प्रतिदिन सुबह 4 बजे से साढ़े 8 बजे तक होती है और बारिश के मौसम में किसानों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) के समक्ष उठाकर शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि वर्तमान नीलामी स्थल पर शेड का निर्माण कराया जाए या लहसुन मंडी की तर्ज पर सुविधायुक्त स्थान पर सब्जी मंडी संचालित की जाए।