सरवानिया महाराज। मानसून की पहली बारिश ने ही ग्राम पंचायत बसेड़ी भाटी के सरपंच समरथ रावत के गृह ग्राम जगेपुर मीणा में व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। गांव के आम रास्तों और नई आबादी के पहुंच मार्ग पर जलभराव होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चोक नालियों के कारण बारिश का पानी सड़कों पर फैल गया, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया।
ग्रामीणों ने बताया कि पूरे गांव की नालियां लंबे समय से गंदगी और गाद से भरी हुई हैं। नियमित सफाई नहीं होने के कारण नालियों का पानी पहले से ही रास्तों पर बहता रहता है। बुधवार तड़के हुई बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए। स्कूल एवं बस स्टैंड जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह पानी में डूब गया, जिससे विद्यार्थियों और राहगीरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ग्राम पंचायत ने नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की, तो आगामी बारिश में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इस संबंध में सरपंच समरथ रावत ने बताया कि गांव की नालियों और आम रास्तों की सफाई कराने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि नई आबादी के पहुंच मार्ग पर पुलिया निर्माण नहीं होने के कारण जलभराव की समस्या बनी हुई है। शासन से पुलिया निर्माण की मांग की गई है और स्वीकृति मिलने के बाद स्थायी समाधान संभव होगा।
181 पर शिकायतें, फिर भी नहीं हुआ समाधान-
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत बसेड़ी भाटी द्वारा ग्राम जगेपुर मीणा की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गांव की समस्याओं को लेकर कई बार शासन की 181 जन शिकायत निवारण सेवा पर शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन देकर शिकायतें तो बंद करवा दीं, जबकि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों के अनुसार, भाजपा नेता मदनलाल नागदा ने भी गांव के मुख्य मार्ग और स्कूल पहुंच मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर 181 पर शिकायत दर्ज कराई थी। पंचायत के जिम्मेदारों ने समस्या के शीघ्र निराकरण का आश्वासन देकर शिकायत का निस्तारण करा दिया, लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ। परिणामस्वरूप पहली ही बारिश में गांव के मुख्य मार्गों पर जलभराव हो गया और लोगों के घरों तक पानी पहुंचने लगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव की नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था और पुलिया निर्माण की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की जाए, ताकि आगामी बारिश में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।