चित्तौड़गढ़। निंबाहेड़ा की पावन धरती पर राष्ट्रसंत, भारत गौरव एवं प्रख्यात जैनाचार्य मनोज्ञानाचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज के ससंघ मंगल विहार आगमन पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना की ओर से उनके परिवारजनों ने छोटीसादड़ी-निंबाहेड़ा मार्ग स्थित 100 बीघा फार्म हाउस पर पहुंचकर आचार्य श्री का आत्मीय स्वागत, अभिनंदन एवं वंदन किया तथा उनके पावन सान्निध्य में धर्माेपदेश एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर चित्तौड़गढ़ जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष एवं युवा उद्योगपति पूरण आंजना ने परिवार सहित आचार्य श्री के चरणों में श्रद्धा अर्पित करते हुए उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि संतों का सान्निध्य समाज को नई दिशा देता है तथा उनके आशीर्वचन जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं।
अपने प्रवचन में आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज ने धर्म, संयम, संस्कार, सदाचार और सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन की वास्तविक समृद्धि भौतिक उपलब्धियों में नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, परोपकार और सद्भावना में निहित है। उन्होंने कहा कि संतों का सान्निध्य मनुष्य को जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध कराता है तथा समाज में नैतिक मूल्यों के संरक्षण का मार्ग प्रशस्त करता है।
मंगल विहार के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर आचार्य श्री के दर्शन किए और धर्मलाभ प्राप्त किया। पूरा वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। श्रद्धालुओं ने परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हुए आचार्य श्री का आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर निंबाहेड़ा क्रय-विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष गोपाल आंजना, विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष जसवंत सिंह आंजना, वरिष्ठ पत्रकार मनोज सोनी, नितेश आंजना, विक्रम आंजना, महावीर जैन, आशुतोष टांक, विष्णुलाल मीणा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने आचार्य श्री का स्वागत-अभिनंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।