चित्तौड़गढ़। अखिल भारतीय जीनगर समाज, चित्तौड़गढ़ द्वारा अध्यक्ष राजेश जीनगर के नेतृत्व में अमर शहीद बीरबल सिंह जीनगर (ढालिया) का बलिदान दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाजजनों ने शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अद्वितीय साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वाेच्च बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम में सचिव नवरतन जीनगर ने बताया कि अमर शहीद बीरबल सिंह जीनगर (ढालिया) राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर के निवासी एवं स्वतंत्रता सेनानी थे। वे बीकानेर प्रजा परिषद से जुड़े थे और अंग्रेज़ी शासन तथा तत्कालीन रियासती दमन के विरुद्ध सक्रिय रूप से संघर्ष करते रहे।
उन्होंने बताया कि 30 जून 1946 को रायसिंहनगर में आयोजित प्रजा परिषद सम्मेलन के दौरान तिरंगा लेकर सबसे आगे चल रहे बीरबल सिंह जीनगर पर पुलिस ने लाठीचार्ज और गोलीबारी की। उनकी जांघ में तीन गोलियां लगीं, लेकिन उन्होंने तिरंगा नहीं छोड़ा और ष्भारत माता की जयष् तथा ष्इंकलाब ज़िंदाबादष् के नारे लगाते रहे। गंभीर रूप से घायल होने के बाद 1 जुलाई 1946 को उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका यह सर्वाेच्च बलिदान आज भी देशवासियों और विशेष रूप से जीनगर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शहीद बीरबल सिंह जीनगर का जीवन राष्ट्रप्रेम, त्याग, साहस और तिरंगे के सम्मान के प्रति समर्पण का प्रतीक है। युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र एवं समाज सेवा के लिए आगे आना चाहिए।
इस दौरान समाजजनों ने शहीद के जीवन और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया तथा दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में पूर्व शाखा प्रबंधक प्रहलाद राय चौहान, पूर्व नर्सिंग अधीक्षक छगनलाल टांक, तेजमल सिसोदिया, अंबालाल चितारा, खूबचंद पड़िहार, ओमप्रकाश वर्मा (गुड्डू भाई), चंद्रप्रकाश जीनगर, संदीप सोनगरा, राकेश पड़िहार, सीताराम सिसोदिया, मगनलाल सिसोदिया, सुरेश चौहान, भागचंद पंवार, हितेश पंवार, उमेश चौहान, अनिल सिसोदिया, कैलाश पंवार, अनिल पड़िहार, रजत जीनगर, राहुल टांक, भरत जीनगर, मोनू पड़िहार, विजय पड़िहार, गीता जीनगर, गोविंद जीनगर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।