भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी (PAC) की बैठक में पार्टी की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आई। राजधानी भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और अजय सिंह अनुपस्थित रहे, जिससे राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गईं।
बैठक में वीर भारत न्यास और जमीन विवाद का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सूत्रों के अनुसार, दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच इस मामले को लेकर हुए विवाद पर नेताओं ने चिंता जताई। विधायक आरिफ मसूद और प्रवीण पाठक ने सवाल उठाते हुए कहा कि दोनों नेताओं के सार्वजनिक बयानों से जनता के बीच पार्टी की छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने स्पष्ट करने की मांग की कि इस मामले में पार्टी का आधिकारिक पक्ष क्या है।
जमीन विवाद पर लंबी चर्चा के बाद बैठक में निर्णय लिया गया कि कांग्रेस AICC की तय रणनीति के अनुसार आंदोलन करेगी। इसके साथ ही राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर भी प्रदेशभर में प्रदर्शन करने की रणनीति पर सहमति बनी।
बैठक में संगठनात्मक मुद्दों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। हालांकि, वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी ने पार्टी की अंदरूनी एकजुटता पर सवाल जरूर खड़े कर दिए।