भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले नगरीय निकाय चुनाव से पहले बैतूल को नगर निगम का दर्जा मिल सकता है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के बाद बैतूल कलेक्टर ने प्रस्तावित नगर निगम की सीमा में शामिल की जाने वाली 26 ग्राम पंचायतों की जांच और अध्ययन शुरू कर दिया है।
कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार बैतूल को नगर निगम बनाने पर अंतिम फैसला लेगी। बैतूल को नगर निगम बनाने की चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि यह क्षेत्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का विधानसभा क्षेत्र है।
सीईओ ने ग्राम पंचायत के कर्मचारियों की जानकारी जुटाई
नगर निगम बनाने की प्रक्रिया के तहत जनपद पंचायत बैतूल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवानी राय ने प्रस्तावित ग्राम पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी जुटाई है। इसमें पंचायत सचिव, रोजगार सहायक सहित अन्य कर्मचारियों का विवरण तैयार किया गया है। यह रिपोर्ट एसडीएम और एसडीओ राजस्व के माध्यम से कलेक्टर तक पहुंचाई गई है।
बताया जा रहा है कि इस संबंध में बैतूल विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में कलेक्टर के साथ बैठक भी हो चुकी है। इसके बाद प्रस्तावित क्षेत्रों की जानकारी और प्रशासनिक जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
इन 26 ग्राम पंचायतों को किया जा सकता है शामिल
बैतूल नगर निगम सीमा में शामिल करने के लिए जिन ग्राम पंचायतों को प्रस्तावित किया गया है, उनमें कढ़ाई, दनोरा (भ), बड़ोरा, आरूल, बाजपुर, भैंसदेही, खेड़ली, मरामझिरी, टेमनी, जामठी, खेड़ला, डहरगांव, खेड़ी सांवलीगढ़, महदगांव, भड़ूस, कुम्हारटेक, भोगीतेड़ा, रोढ़ा, सूरगांव, भरकावाड़ी, खंडारा, मलकापुर, मिलानपुर, बयावाड़ी, ढोड़वाड़ा और खड़ला शामिल हैं।
छह माह में हो सकता है फैसला
अगर बैतूल को नगर निगम बनाने का फैसला होता है तो वर्ष 2027 के नगर निकाय चुनाव से पहले प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए इन गांवों को पंचायत से नगर निगम सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूर कराया जाएगा। इसके बाद इन क्षेत्रों की मतदाता सूची को पंचायत से हटाकर नगर निगम की मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के लिए यह भी जरूरी होगा कि प्रस्तावित क्षेत्रों की आबादी नगर निगम के निर्धारित मापदंडों को पूरा करे।
प्रदेश में अभी 16 नगर निगम
मध्यप्रदेश में वर्तमान में 16 नगर निगम हैं। इनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, रतलाम, उज्जैन, मुरैना, कटनी, देवास, खंडवा और बुरहानपुर शामिल हैं। इसके अलावा विदिशा को भी नगर निगम बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कर चुके हैं, हालांकि वहां प्रक्रिया अभी आगे नहीं बढ़ी है। अब बैतूल को लेकर अगले कुछ महीनों में फैसला होने की संभावना है।