नीमच। नीमच बस स्टैंड पर एक चाय विक्रेता महिला ने लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहनों से भरा बैग उसके असली मालिक को लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की। महिला की सतर्कता और ईमानदारी से एक परिवार की मायरा (भात) की खुशियां सुरक्षित बच गईं।
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के अजमेर जिले के हियालिया निवासी लादुराम गुर्जर अपने 13 परिजनों के साथ बहन के यहां गांधीसागर मायरा लेकर जा रहे थे। वे ट्रेन से सुबह नीमच पहुंचे और बस स्टैंड पर चाय पीने के बाद गांधीसागर जाने वाली बस में सवार हो गए। जल्दबाजी में वे गहनों से भरा बैग बस स्टैंड पर ही भूल गए।
गांधीसागर पहुंचने पर बैग गायब होने का पता चलते ही लादुराम ने नीमच में अपने रिश्तेदारों को सूचना दी। तलाश के दौरान पता चला कि बस स्टैंड पर चाय का ठेला लगाने वाली बामन बर्डी निवासी रेखा नायक को लावारिस बैग मिला था, जिसे उन्होंने सुरक्षित अपने पास रख लिया।
दोपहर में लादुराम गुर्जर अपने पुत्र के साथ नीमच लौटे। इसके बाद कैंट थाना पुलिस की मौजूदगी में रेखा नायक ने बैग उसके असली मालिक को सौंप दिया।
लादुराम गुर्जर ने बताया कि बैग में मायरा के लिए रखा करीब 5 तोला सोने के आभूषण और लगभग आधा किलो चांदी के गहने थे। उन्होंने कहा कि यदि बैग नहीं मिलता तो परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ता।
रेखा नायक के पुत्र अशोक नायक ने बताया कि बैग सुबह से लावारिस पड़ा था। काफी देर तक कोई लेने नहीं आया तो सुरक्षा की दृष्टि से उनकी मां ने उसे ठेले के अंदर सुरक्षित रख लिया। उन्होंने बैग खोलकर भी नहीं देखा और मालिक की पहचान होने पर उसे तत्काल लौटा दिया।
रेखा नायक की इस ईमानदारी की स्थानीय लोगों और पुलिस ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया।