भोपाल। वीर भारत न्यास को एक रुपये में सरकारी जमीन आवंटित किए जाने के मुद्दे पर मध्यप्रदेश की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ही उनके आरोपों की ष्हवा निकाल दी है।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि वीर भारत न्यास कोई निजी ट्रस्ट नहीं, बल्कि सरकार का सार्वजनिक न्यास है, जिसका संचालन संस्कृति विभाग और रविन्द्र भवन के माध्यम से होता है। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति से जुड़े इस न्यास को सरकारी जमीन दिए जाने को भ्रष्टाचार बताना तथ्यों से परे है।
गौरतलब है कि 24 जून को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आरोप लगाया था कि उज्जैन में करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन वीर भारत न्यास को मात्र एक रुपये की टोकन राशि पर दी गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस आवंटन और परिवार द्वारा खरीदी गई जमीनों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी की थी।
वहीं, शनिवार को उज्जैन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि वीर भारत न्यास एक सरकारी एवं सार्वजनिक ट्रस्ट है, जिसके पदेन अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी न्यास को एक रुपये में जमीन दिए जाने में कोई अनियमितता नहीं है और इस मामले में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप सही नहीं हैं। साथ ही उन्होंने बिना नाम लिए कुछ लोगों पर झूठे आरोप लगाकर ब्लैकमेलिंग करने का भी आरोप लगाया।