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June 28, 2026, 2:24 pm
BIG NEWS : खिमला हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पर उठे सुरक्षा और पारदर्शिता के सवाल, मजदूरों की मौत, हादसों की जांच और सुरक्षा इंतजामों को लेकर जवाब मांग रहे लोग, सीएम दौरे से पहले तेज हुई चर्चा, पढे़ शब्बीर बोहरा की खबर 

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नीमच। जिले की मनासा विधानसभा क्षेत्र के खिमला गांव में करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। परियोजना में करीब तीन से चार हजार मजदूर कार्यरत हैं। स्थानीय स्तर पर लगातार हादसों और मजदूरों की मौत की घटनाओं के बाद विभिन्न पहलुओं पर जवाबदेही की मांग तेज हो गई है।

स्थानीय लोगों का दावा है कि परियोजना में अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। श्रम विभाग ने चार मजदूरों की मौत की पुष्टि की है, जबकि अन्य घायल मजदूरों के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। आरोप है कि हादसों की जांच रिपोर्ट, सुरक्षा मानकों और निरीक्षण की जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई।

परियोजना परिसर में मीडिया के प्रवेश पर भी प्रतिबंध होने के कारण सूचनाओं को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि स्वतंत्र जांच हो तो हादसों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। मजदूरों में भी भय का माहौल होने का दावा किया जा रहा है, जिसके चलते वे खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं।

हाल ही में लिफ्ट गिरने की घटना में सात मजदूर घायल हुए थे। उस समय तत्कालीन एडीएम किरण आंजना ने जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद उनका स्थानांतरण हो गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित खिमला दौरे से पहले स्थानीय नागरिक कई सवाल उठा रहे हैं। इनमें मजदूरों की मौत की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने, मृतकों और घायलों को दिए गए मुआवजे की जानकारी, परियोजना में चल रहे वाहनों के परमिट, परिवहन व्यवस्था की जांच तथा वन भूमि से काटे गए पेड़ों के बदले किए गए पौधरोपण का विवरण सार्वजनिक करने की मांग शामिल है।

हालांकि, इन आरोपों और दावों पर परियोजना प्रबंधन तथा संबंधित विभागों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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