निंबाहेड़ा। मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ द्वारा आयोजित 21वें कल्याण महाकुंभ की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। वेदपीठ परिसर में नेमीशारण्य स्वरूप कथा मंडप तथा 51 कुण्डीय पंचदिवसीय श्री अतिरुद्र महायज्ञ की यज्ञशाला को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 1 जुलाई से प्रारंभ होने वाला यह महाकुंभ धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से क्षेत्र का ऐतिहासिक आयोजन माना जा रहा है।
रविवार को वेदपीठ परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पदाधिकारियों ने बताया कि सनातन धर्म एवं गुरु परंपरा के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित महाकुंभ ने विभिन्न धर्मावलंबियों को एक मंच पर जोड़ने का कार्य किया है। इसी क्रम में सिंधी एवं सिख समाज के सहयोग से आयोजित गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ का विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर ज्ञानीजनों ने गुरु वाणी का संदेश देते हुए ईश्वर की शरणागति का महत्व बताया तथा शबद-कीर्तन एवं अरदास के माध्यम से विश्व कल्याण और उत्तम वर्षा की कामना की।
इस अवसर पर गुरुद्वारा चित्तौड़गढ़ के ज्ञानी गुरविंदर सिंह, बूंदी से पधारे पाठी जुबेर सिंह, गुरदीप सिंह, कमलजीत सिंह एवं राजवीर सिंह का वेदपीठ की ओर से सम्मान किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर विश्व शांति एवं कल्याण की प्रार्थना की।
आज होगा नवकार मंत्र जाप एवं रात्रि जागरण-
सोमवार सायं 4 बजे सकल जैन समाज द्वारा नवकार मंत्र जाप का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद ठाकुरजी की महाआरती के पश्चात कृष्णा कल्याण शक्ति ग्रुप एवं कल्याण भक्त महिलाओं द्वारा पारंपरिक रात्रि जागरण का आयोजन होगा, जिसमें भक्ति गीतों एवं भजनों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
30 जून को निकलेगी जनजागरण वाहन रैली-
महाकुंभ के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरण के लिए 30 जून को सायं 6 बजे वेदपीठ परिसर से विशाल दोपहिया एवं चारपहिया वाहन रैली निकाली जाएगी। मालवी ढोल, बैंड-बाजों और जयघोषों के साथ यह रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः वेदपीठ पहुंचेगी।
1 जुलाई को निकलेगी ऐतिहासिक शोभायात्रा-
1 जुलाई को भगवान शिव को समर्पित भव्य शोभायात्रा एवं कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसमें मुंबई का ढोल-ताशा दल, 11 बैंड, 21 मालवी ढोल, 51 अश्व, ऊंट एवं ऊंटगाड़ियां, 1100 कलश धारण किए महिला श्रद्धालु, बटुक, वीर-वीरांगनाएं तथा एक दर्जन से अधिक आकर्षक झांकियां शामिल होंगी। मार्ग में तोपों से पुष्पवर्षा एवं रंगीन कारपेट विशेष आकर्षण रहेंगे।
दशहरा मैदान स्थित ढाबेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर वेदपीठ पहुंचने वाली इस शोभायात्रा के स्वागत की तैयारियां नगर के विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक एवं व्यावसायिक संगठनों द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं।
शिवलिंग महापुराण कथा एवं अतिरुद्र महायज्ञ-
महाकुंभ के अंतर्गत 1 जुलाई से भानपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ के मुखारविंद से अष्टदिवसीय शिवलिंग महापुराण कथा का आयोजन होगा। वहीं 4 जुलाई से पंचदिवसीय 51 कुण्डीय श्री अतिरुद्र महायज्ञ प्रारंभ होगा, जिसमें 1500 यजमान दंपत्तियों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। यज्ञशाला में द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, 111 शिवलिंग महापुराण पारायण तथा भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र के पांच करोड़ जाप का संकल्प भी पूर्ण किया जाएगा।
8 जुलाई को पूर्णाहुति एवं दिव्य दर्शन-
महाकुंभ का समापन 8 जुलाई को आषाढ़ कृष्ण अष्टमी पर अतिरुद्र महायज्ञ की पूर्णाहुति, कथा विश्राम, ध्वजारोहण एवं मातृ-पितृ पूजन समारोह के साथ होगा। दोपहर 12रू32 बजे शंखनाद के साथ ठाकुरजी के दिव्य दर्शन होंगे, जिनमें मेवाड़, मालवा, हाड़ौती, मारवाड़, वागड़, गुजरात सहित देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
वेदपीठ पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि कल्याण नगरीवासियों के सहयोग से आयोजित 21वां कल्याण महाकुंभ धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। महाकुंभ के दौरान सुंदरकांड पाठ, छह दिवसीय भजन संध्याएं तथा राष्ट्रीय कवि सम्मेलन सहित अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।