कसरावद। नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मोहर्रम का पर्व शुक्रवार शनिवार को धार्मिक श्रद्धा, अकीदत और गमगीन माहौल में मनाया गया। दिनभर विभिन्न धार्मिक रस्मों के बाद शाम होते ही नगर के अलग-अलग मोहल्लों से आकर्षक ताजिए जुलूस के रूप में निकाले गए। कसरावद नगर में लगभग 50 से 60 ताजिए नगर में बने थे।
जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए और करबला के शहीद हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए खिराज-ए-अकीदत पेश की। ताजियों का जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए निर्धारित स्थल तक पहुंचा। पूरे मार्ग में या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं तथा जगह-जगह नागरिकों द्वारा ताजियों का स्वागत किया गया।
धार्मिक विद्वानों ने बताया कि मोहर्रम का पर्व अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, सत्य, इंसानियत और कुर्बानी का संदेश देता है। देर रात तक ताजियों के जुलूस परंपरागत मार्गों से गुजरते रहे, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
11 तारीख को जामा मस्जिद चौक में सभी ताजिए आकर अलाव घूमते हैं उसके बाद कर्बला में विसर्जन के लिए जाते हैं।
चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस की नजर
मोहर्रम पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कसरावद थाना पुलिस द्वारा संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। जुलूस के दौरान पुलिस बल लगातार तैनात रहा। एसडीएम अनिल जैन, एसडीओपी श्वेता शुक्ला, तहसीलदार मुकेश मचार, थाना प्रभारी राजेंद्र बर्मन सहित अन्य अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन एवं आमजन के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।