चित्तौड़गढ़। ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कंचन दीदी ने प्रवचन देते हुए कहा कि आज अधिकांश लोगों का भगवान से केवल संबंध (रिलेशन) है, लेकिन वास्तविक जुड़ाव (कनेक्शन) नहीं है। जब तक आत्मा का परमात्मा से सच्चा अनुभवात्मक संबंध नहीं बनेगा, तब तक जीवन में शांति, सुख और शक्ति की अनुभूति संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि परमात्मा की शरण में जाने से मनुष्य को दिव्य बुद्धि और श्रेष्ठ संस्कार प्राप्त होते हैं, जिससे उसके विचारों और कर्मों में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
कंचन दीदी ने कहा कि आज मानव बाहरी उपलब्धियों के पीछे भाग रहा है, जबकि वास्तविक सुख और संतुष्टि परमात्मा से जुड़े रहने में ही है। ईश्वर के साथ योग का अनुभव करने से आत्मा में प्रेम, शांति, करुणा और पवित्रता जैसे गुण विकसित होते हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रतिदिन कुछ समय ईश्वर स्मृति में बिताने और आध्यात्मिक जीवन अपनाने की प्रेरणा दी। कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनके विचारों को ध्यानपूर्वक सुनकर आध्यात्मिक मार्ग अपनाने का संकल्प लिया।