कसरावद। जिले के कसरावद नगर में मोहर्रम की 9 तारीख की रात पारंपरिक जोश और अकीदत के साथ अखाड़े निकाले गए। रात ठीक 9ः30 बजे अलग-अलग मोहल्लों से अखाड़ों का सिलसिला शुरू हुआ और पूरा नगर ष्या हुसैन की सदाओं से गूंज उठा।
कौन-सा अखाड़ा कहां से निकला
- ताज अखाड़ा जामा मस्जिद मोहल्ले से
- हुसैनी अखाड़ा नगर पालिका चौक से
- कुर्बानी अखाड़ा बाबा की पहाड़ी से
- मासूमी अखाड़ा छोटा नाका से
सभी अखाड़ों के खिलाड़ियों ने लाठी, बनेठी के हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। युवाओं ने अनुशासन और कौशल का प्रदर्शन करते हुए कर्बला के शहीदों को याद किया। गसवाली बाबा की दरगाह पर हलीम का प्रोग्राम भी रखा गया।
स्थानीय बुजुर्गों ने बताया कि मोहर्रम का पर्व पैगंबर मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला में दी गई शहादत की याद में मनाया जाता है। इमाम हुसैन की कुर्बानी सब्र, हक के लिए आवाज उठाने और इंसाफ के रास्ते पर चलने का पैगाम देती है।
शहर में जगह-जगह ताजियों की तैयारी भी जोरों पर है। 10 मोहर्रम को ताजिए निकाले जाएंगे। देर रात तक चले अखाड़ों के दौरान पुलिस प्रशासन और वालंटियर्स ने सुरक्षा व ट्रैफिक व्यवस्था संभाली। आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।