नीमच। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर तिलक मार्ग स्थित श्री श्याम मंदिर में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नीमच नरेश बाबा श्याम के दरबार में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। बड़ी संख्या में भक्त बाबा के दर्शन, पूजन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर समिति द्वारा दर्शन की सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण व्यवस्था की गई है। भक्त कतारबद्ध होकर बाबा श्याम के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। विशेष अवसर पर बाबा श्याम को 1500 किलो आमरस का महाभोग अर्पित किया जाएगा।
दर्शनार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर के बाहर शीतलता प्रदान करने के लिए बर्फ के गोलों की विशेष व्यवस्था भी की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिल सके।
निर्जला एकादशी को सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी एवं फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से व्रत एवं भगवान विष्णु की आराधना करने से वर्षभर की सभी एकादशियों के व्रत के समान पुण्य प्राप्त होता है। भीमसेन द्वारा यह व्रत किए जाने के कारण इसे भीम एकादशी भी कहा जाता है।
तपती गर्मी में जल तक का त्याग कर किया जाने वाला यह व्रत आत्मसंयम, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। इधर, श्री श्याम मंदिर में बाबा का मनोहारी श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भजन, कीर्तन और जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है।
श्रद्धालु बाबा श्याम के चरणों में अपनी मनोकामनाएं अर्पित कर सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना कर रहे हैं। मंदिर में पूरे दिन धार्मिक आयोजनों का क्रम जारी रहेगा, जबकि शाम को महाआरती, ताली कीर्तन एवं विशेष महाभोग के साथ निर्जला एकादशी महोत्सव अपने चरम पर पहुंचेगा।