चित्तौड़गढ़। सनातन धर्म एवं गुरु परंपरा के संवाहक मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ पर शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में गुरु ग्रंथ साहिब का दीवान सजाकर तीन दिवसीय अखंड पाठ का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के साथ ही वेदपीठ परिसर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत ज्ञानियों द्वारा सुखमणि साहिब के पाठ से हुई। इस दौरान वाहेगुरु एवं ठाकुर श्री कल्लाजी से प्रदेश में सुख-समृद्धि, उत्तम वर्षा तथा 21वें कल्याण महाकुंभ के सफल आयोजन की कामना की गई।
वेदपीठ की परंपरा के अनुसार कल्याणनगरी के सिंधी एवं सिख समाज के सहयोग से कल्याण महाकुंभ के अंतर्गत गुरु ग्रंथ साहिब का तीन दिवसीय अखंड पाठ आयोजित किया जा रहा है। रविवार प्रातः श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। इस अवसर पर गुरुबाणी, शबद-कीर्तन, सत्संग, अरदास, कड़ा प्रसाद वितरण एवं अटूट लंगर का आयोजन भी किया जाएगा।
गुरुद्वारा चित्तौड़गढ़ के ज्ञानी गुरविंदर सिंह, बूंदी से पधारे ज्ञानी जुबेर सिंह, गुरदीप सिंह, कमलजीत सिंह एवं राजवीर सिंह के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने गुरुबाणी एवं शबद-कीर्तन का लाभ प्राप्त किया। ज्ञानियों ने ठाकुर श्री कल्लाजी एवं गुरु नानक देव को नमन करते हुए सर्वत्र सुख-शांति एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि मेवाड़ में श्री कल्लाजी वेदपीठ ऐसा विशिष्ट धार्मिक स्थल है, जहां प्रतिवर्ष ठाकुरजी के मंदिर में गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ श्रद्धा एवं सम्मान के साथ आयोजित किया जाता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में वेदपीठ के न्यासियों एवं पदाधिकारियों ने ज्ञानियों का तुलसी की माला एवं उपरना ओढ़ाकर सम्मान किया तथा सजे दीवान के समक्ष अरदास कर कल्याण महाकुंभ के सफल, भव्य एवं शांतिपूर्ण आयोजन की कामना की। इस अवसर पर सिंधी एवं सिख समाज के साथ बड़ी संख्या में कल्याण भक्त उपस्थित रहे। आज नगर के 135 मंदिरों में दिया जाएगा कल्याण महाकुंभ का निमंत्रण
21वें कल्याण महाकुंभ के सफल आयोजन के उद्देश्य से शनिवार को वेदपीठ की ओर से कल्याण नगरी के 135 छोटे-बड़े मंदिरों एवं देवालयों में भावपूर्ण निमंत्रण दिया जाएगा। वीर-वीरांगनाएं एवं कल्याण भक्त मंदिरों में दीप प्रज्वलित कर पीले चावल एवं पुष्प अर्पित करेंगे तथा महाकुंभ में सहभागिता के लिए पुजारियों एवं श्रद्धालुओं को आमंत्रित करेंगे।