प्रतापगढ़। उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग करण सिंह डामोर के निर्देशन में जिले में रॉकेट लर्निंग कार्यक्रम के शुभारंभ के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विभागीय योजनाओं के साथ रॉकेट लर्निंग कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।
रॉकेट लर्निंग एक एड-टेक आधारित संस्था है, जो देशभर में 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (ईसीई) को सुदृढ़ बनाने के लिए कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान संस्था की पाँच सदस्यीय टीम ने महिला एवं बाल विकास विभाग (आईसीडीएस) के साथ समन्वय स्थापित कर प्रतापगढ़ जिले में रॉकेट लर्निंग कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया।
वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक (उदयपुर संभाग) फराह अली ने रॉकेट लर्निंग की अवधारणा, उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली की जानकारी दी। वहीं प्रवीण कुमार एवं शिखा आहड़ा ने महिला पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देते हुए दैनिक शैक्षणिक गतिविधियों एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया समझाई।
राजेश मीणा, लोकेश खटीक एवं तरुण सेन ने विकसित तकनीकी प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा से संबंधित गतिविधियों के नियमित संचालन की जानकारी दी।
महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रतापगढ़-धमोतर प्रेम सिंह मीणा ने सभी महिला पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया कि वे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को रॉकेट लर्निंग का प्रशिक्षण प्रदान करें तथा अपने-अपने क्षेत्रों में जन-जागरूकता बढ़ाते हुए विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
कार्यशाला में जिला समन्वयक लोकेश जीनगर, नारायण, प्रतापगढ़ एवं धमोतर ब्लॉक समन्वयक तथा परियोजना के सभी सेक्टरों की महिला पर्यवेक्षक उपस्थित रहीं।