शिवपुरी। जिले के पोहरी जनपद की ग्राम पंचायत झलवासा में एक दलित परिवार पर हुए कथित जानलेवा हमले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित पक्ष की शिकायत के बाद भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पीड़ित किलोई जाटव और उनके परिवार का आरोप है कि 24 जून को ग्राम पंचायत के सरपंच हरिवल्लभ धाकड़ एवं उनके परिजनों ने लाठी-डंडों, कुल्हाड़ी और तलवार जैसे हथियारों से हमला किया। घटना के बाद बैराड़ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।
गुरुवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिला संयोजक साजिद खान (चांद) ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि शिकायत में जिन चार लोगों के नाम दिए गए थे, उनमें से कुछ मुख्य आरोपियों को एफआईआर में शामिल नहीं किया गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिससे परिवार भय के माहौल में है।
भीम आर्मी ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने, सभी आरोपियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई और निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। मामले को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
नोटरू हमले और एफआईआर से जुड़े आरोप शिकायतकर्ता एवं भीम आर्मी द्वारा लगाए गए हैं। पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना शेष है।