भोपाल। चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन से मुलाकात की। अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि मध्य प्रदेश में व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क केवल भोपाल में लागू है। यह प्रदेश के किसी भी निकाय से नहीं लिया जा रहा है।
अध्यक्ष गोयल ने बताया कि भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली बड़ी व्यापारिक संस्था है। इसमें बड़े उद्योगपति, व्यापारी भी सदस्य हैं, जो कमर्शियल टैक्स खत्म करने की मांग कर रहा है।
निगम कमिश्नर को दी जानकारी
भोपाल चेंबर संचालक एवं कमेटी के संयोजक अनिल चुग ने कमिश्नर को अवगत कराया कि 21 अप्रैल 2023 को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क लगाया था। जिसे किसी विसंगतियों एवं व्यापारियों के विरोध के कारण 25 अप्रैल 2023 को पूरे प्रदेश से स्थगित कर दिया गया था। इसके बावजूद भोपाल मे यह कर लागू है। यह एक प्रदेश-दो कानून जैसी विसंगति है, जो न्यायोचित नहीं है। इसलिए इसे हटा दिया जाए।
कमिश्नर बोलीं-मामले की जानकारी लेंगी
कमिश्नर जैन ने प्रतिनिधिमंडल की मांग को सुना। कहा कि वे व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क से संबंधित दस्तावेजों एवं शासन के आदेशों को पढ़कर विषय की जानकारी लेंगी। साथ ही इसके निराकरण एवं समाप्ति के संबंध में सकारात्मक प्रयास करेंगी। प्रतिनिधिमंडल में सुनील जैन जैनाविन, अजय देवनानी, वात्स्यायन जैन, अनिल मिश्रा, आदित्य सिंघई एवं श्री मनोज नागरानी भी मौजूद थे।