प्रतापगढ़। पुलिस ने ड्रग तस्कर शाहज़ेब खान और उसके परिवार की 2 करोड़ 10 लाख रुपए की संपत्ति फ्रीज कर दी। तस्करी के पैसों से मां और पत्नी के नाम बनाए गए मकान, दो फार्महाउस, तीन कारें और दो बाइक इस कार्रवाई में शामिल हैं। प्रतापगढ़ के नौगांवा निवासी ड्रग तस्कर शाहज़ेब खान फिलहाल साबरमती जेल में बंद है।
साबरमती जेल में आरोपी
एसपी बीं आदित्य ने बताया - कंपीटेंट अथॉरिटी, नई दिल्ली के आदेश पर नौगांवा निवासी शाहज़ेब खान की संपत्तियां फ्रीज की गईं। मामला 11 फरवरी 2025 का है। एनसीबी ने अहमदाबाद निवासी एक दंपति को ड्रग्स पाउडर के साथ गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ कि यह मादक पदार्थ शाहज़ेब खान और उसकी मां यासमीन ने सप्लाई किया था। शाहज़ेब खान फिलहाल में अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है, जबकि उसकी मां यासमीन इस मामले में जमानत पर है।
शाहज़ेब खान ने मादक पदार्थों की तस्करी से कमाए गए धन से अपनी मां यासमीन और पत्नी शमशेर खान के नाम पर गांव में एक आलीशान मकान और दो फार्म हाउस बनाए थे। इन संपत्तियों के अलावा दो बाइक और तीन कारें भी फ्रीज की गई हैं। कार्रवाई के बाद संबंधित संपत्तियों पर फ्रीजिंग बोर्ड लगा दिए गए हैं।
परिवार भी अवैध कारोबार में शामिल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शाहज़ेब का पिता शमशेर खान भी मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल था। उसका भाई समीर खान भी मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में नामजद है और अरनोद पुलिस का वांछित आरोपी है। पुलिस के मुताबिक, परिवार के कई सदस्यों की भूमिका तस्करी से जुड़े मामलों में पाई गई है।
पुलिस ने इस पूरे परिवार की वित्तीय गतिविधियों और लेनदेन की गोपनीय तरीके से विस्तृत जांच की। जांच के दौरान तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई चल एवं अचल संपत्तियों का रिकॉर्ड जुटाया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद, पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत कंपीटेंट अथॉरिटी, नई दिल्ली के समक्ष संपत्तियों को फ्रीज करने का आवेदन प्रस्तुत किया था।
आदेश जारी होने के बाद अरनोद थाना अधिकारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई को अमल में लाया।