चित्तौड़गढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, गांधीनगर सेवा केंद्र के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के आध्यात्मिक रहस्य कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ।
कलश यात्रा में 101 माताओं एवं बहनों ने सिर पर कलश धारण कर श्रद्धापूर्वक भाग लिया। यात्रा में तीन सुसज्जित रथ, बैंड-बाजे तथा आकर्षक आध्यात्मिक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। यात्रा स्थानीय सेवा केंद्र, गांधीनगर से प्रारंभ होकर ओछड़ी गेट होते हुए आकाशवाणी केंद्र के समीप स्थित महेश भवन कथा स्थल पहुंची।
यात्रा मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं गणमान्य नागरिकों ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। पूरे मार्ग में भक्तिमय वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के समापन पर राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अंकिता दीदी ने सभी अतिथियों, सामाजिक संगठनों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कथा आयोजन में प्रशासन द्वारा दिए गए सहयोग के लिए भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी कविता दीदी ने शहरवासियों से प्रतिदिन सायंकाल 4 बजे से आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बेगूसराय (बिहार) से पधारी मुख्य कथावाचक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कंचन दीदी का माताओं, बहनों एवं भाइयों द्वारा पुष्पमालाओं एवं पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ब्रह्माकुमारीज परिवार के सदस्य तथा नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।