चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ की सचिव योगिता पारीक के निर्देशानुसार अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस (26 जून 2026) के अवसर पर विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम सुख सेवा संस्थान नशा मुक्ति केंद्र, चित्तौड़गढ़ में “नशा जागरूकता एवं कल्याण नेविगेशन - नशामुक्त भारत के लिए” योजना 2025 के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल एडवोकेट प्रदीप सिंह राणावत ने उपस्थित युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों एवं कानूनी पहलुओं की जानकारी दी।
एडवोकेट राणावत ने कहा कि नशा न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी अत्यंत हानिकारक है। नशे की लत से व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होती है और उसे समाज में हीन दृष्टि से देखा जाता है। उन्होंने युवाओं को नशे की आदत छोड़कर सम्मानजनक एवं स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने यह भी बताया कि नशे के कारण समाज में अपराधों में वृद्धि होती है और इसका प्रभाव पूरे सामाजिक ताने-बाने पर पड़ता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस संघर्ष में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निरंतर पुनर्वास एवं सहायता के लिए साथ खड़ा है।
इस अवसर पर सुख सेवा संस्थान नशा मुक्ति केंद्र के सचिव प्रभात शर्मा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में पैरालीगल वॉलंटियर्स कुसुम मेनारिया एवं अशरीन खान ने सक्रिय भूमिका निभाई।