प्रतापगढ़। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाए जा रहे मोहर्रम पर्व पर जिला मुख्यालय प्रतापगढ़ में 9वीं मोहर्रम की रात अकीदत, अनुशासन और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ताजिया एवं अलम के जुलूस निकाले गए। जुलूसों में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश की।
रात्रि करीब 11 बजे विभिन्न मोहल्लों से ताजिया और अलम के जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से निकले। सुभाष चौक से प्रारंभ होकर जुलूस गोपालगंज के मन्नत वाले ताजियों, तलाई मोहल्ला, फिरका गाछा गली, सलामपुरा तथा बावड़ी मोहल्ला सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए पारंपरिक मातमी धुनों और अखाड़ों के करतबों के बीच अपने-अपने स्थानों पर पहुंचे।
मोहर्रम की 10वीं तारीख को भी ताजियों का पारंपरिक जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद सदर बाजार में मोहर्रम की सलामी का आयोजन होगा, जहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद एकत्र होकर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
प्रतापगढ़ में मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर विभिन्न समुदायों के लोग भी श्रद्धा के साथ ताजियों का स्वागत करते हैं तथा अपनी आस्था के अनुसार प्रसाद, चढ़ावा एवं भेंट अर्पित कर सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश देते हैं।
पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं यातायात की व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है तथा अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।