भोपाल। लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सम्मान देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की लंबे समय से यह मांग है कि उन्हें भी स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्जा और सम्मान दिया जाए। हालांकि, यह निर्णय राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के अधीन है।
कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली 30 हजार रुपए मासिक पेंशन को आयकर से मुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष भी मांग रखी गई थी, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया।
सम्मेलन में सोलंकी ने 95 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं सभी लोकतंत्र सेनानियों से कहता हूं कि खूब जियो और 95 वर्ष की आयु तक पहुंचकर सम्मान प्राप्त करो।” उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति देश की कृतज्ञता का प्रतीक है।
वे राजधानी के रवीन्द्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी शांतिलाल संघवी और 95 वर्षीय वरिष्ठ सेनानी लक्ष्मीनारायण पाटीदार का शाल श्रीफल देकर सम्मान किया।