चित्तौड़गढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, गांधीनगर सेवा केंद्र द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस पर राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कंचन दीदी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान पर सम्पूर्ण समर्पण ही उसकी मदद और कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल एवं श्रेष्ठ मार्ग है।
उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अहंकार, चिंता और नकारात्मक विचारों का त्याग कर स्वयं को परमात्मा के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित कर देता है, तब उसे जीवन में दिव्य शक्ति, मानसिक शांति तथा सही दिशा प्राप्त होती है।
इस अवसर पर माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा कंचन दीदी का सम्मान किया गया तथा संगठन की महिलाओं ने विधिवत आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कंचन दीदी ने कहा कि आज के समय में लोग वीआईपी बनने की दौड़ में लगे हैं, जबकि वास्तविक वीआईपी वह है जिसके पास ईश्वरीय ज्ञान का धन है। उन्होंने कहा कि सांसारिक धन, पद और प्रतिष्ठा यहीं रह जाते हैं, लेकिन ईश्वरीय ज्ञान, श्रेष्ठ संस्कार और पुण्य कर्म व्यक्ति के साथ सदैव रहते हैं।
कथा के दौरान भजनों, आध्यात्मिक प्रसंगों और ज्ञानवर्धक संदेशों ने वातावरण को भाव-विभोर कर दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।