शाजापुर। जिले में खरीफ 2026 फसल बुवाई का कार्य प्रारंभ हो गया है। इस वर्ष लगभग 2 लाख 88 हजार 390 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई प्रस्तावित है, जिसमें से करीब 2 लाख 78 हजार 400 हेक्टेयर में सोयाबीन की खेती की जाएगी।
उप संचालक कृषि आर.एल. जामरे ने बताया कि वर्तमान में जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा की अनिश्चितता को देखते हुए किसानों को सोयाबीन की बुवाई वैज्ञानिक पद्धतियों से करने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान रेज्ड बेड, ब्रॉड बेड फरो (बीबीएफ) एवं रिज-फरो तकनीक अपनाएं, जिससे अधिक वर्षा की स्थिति में खेत से अतिरिक्त पानी की निकासी और कम वर्षा की स्थिति में नमी संरक्षण संभव हो सके।
इन तकनीकों से जलभराव एवं सूखे दोनों परिस्थितियों में फसल सुरक्षित रहती है तथा पौधों का बेहतर विकास होता है, जिससे उत्पादन में वृद्धि संभव है।
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे उन्नत एवं अनुशंसित सोयाबीन किस्मों जैसे एनआरसी-131, एनआरसी-150, एनआरसी-157, एनआरसी-136, एनआरसी-138, एनआरसी-142, जेएस-2172, जेएस-20-98, जेएस-20-116, जेएस-20-94, जेएस-23-03, जेएस-23-05, आरवीएस-2001-4 एवं आर.व्ही.एस.एम. 11-35’’ आदि किस्मों का उपयोग करें।
साथ ही किसानों को प्रमाणित एवं उपचारित बीज का उपयोग, अनुशंसित बीज दर व उर्वरक प्रबंधन, समय पर खरपतवार नियंत्रण तथा कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी करने की भी सलाह दी गई है।
कृषि विभाग ने अपील की है कि किसान अपने निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि कार्यालय एवं कृषि विस्तार अधिकारियों से संपर्क कर तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त करें तथा आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर अधिक उत्पादन के साथ बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त करें।