मंदसौर। मलेरिया निरोधक माह जून के अंतर्गत विगत वर्ष के हाई रिस्क ग्राम बलौदा में मच्छर जनित रोगों की रोकथाम एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से चौपाल चर्चा एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई।
चौपाल में बताया गया कि बरसात के मौसम में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इनकी रोकथाम जनसहयोग से ही संभव है। ग्रामीणों को घर एवं आसपास पानी जमा नहीं होने देने, साफ-सफाई बनाए रखने, पानी के बर्तनों को ढककर रखने तथा कूलर, टंकियों, गमलों व अन्य पात्रों का पानी प्रत्येक चार से पांच दिन में बदलने की सलाह दी गई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों से फुल आस्तीन के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने, खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाने तथा नीम की पत्तियों का धुआं करने की अपील की। साथ ही बताया गया कि किसी भी प्रकार का बुखार मलेरिया का संकेत हो सकता है, इसलिए तुरंत रक्त जांच करानी चाहिए। मलेरिया की जांच ग्राम की आशा कार्यकर्ता एवं सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों पर निःशुल्क उपलब्ध है।
कार्यक्रम में सरपंच, पंचायत सचिव, जनप्रतिनिधि, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के दौरान बुखार से पीड़ित लोगों की स्वास्थ्य जांच भी की गई तथा ग्रामीणों से मच्छरों के लार्वा नष्ट करने के अभियान में सहयोग करने की अपील की गई।