मंदसौर। बेटे के हत्याकांड की आग में सुलग रही पुरानी रंजिश ने आखिरकार एक और परिवार को उजाड़ दिया। शहर की अभिनंदन कॉलोनी में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब खेत पर फूल तोड़ने गए 42 वर्षीय रवि माली की चाकू और लोहे की रॉड से बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ वार किए और गंभीर रूप से घायल अवस्था में खेत में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस वारदात को कुछ माह पूर्व हुए चर्चित हत्याकांड के प्रतिशोध से जोड़कर देखा जा रहा है।
आधा दर्जन आरोपियों ने घात लगाकर किया हमला-
जानकारी के अनुसार रवि माली प्रतिदिन की तरह सुबह अपने खेत पर फूल तोड़ने पहुंचे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे करीब आधा दर्जन हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया। आरोपियों ने चाकुओं से कई वार किए और लोहे की रॉड से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। घटनास्थल पर खून बिखरा मिला, जबकि खेत में घसीटने और संघर्ष के निशान भी पाए गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
सूचना मिलते ही दौड़ी खाकी, फोरेंसिक टीम भी मौके पर-
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और शहर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल रवि माली को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पहुंची और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। हालांकि, मौके से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ।
आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें रवाना-
शहर कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि प्रथम दृष्टया वारदात चाकू एवं लोहे की रॉड से की गई प्रतीत होती है। पुलिस सभी पहलुओं, विशेषकर पुरानी रंजिश के एंगल से मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें रवाना कर दी गई हैं।
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह-
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 5-6 अप्रैल की दरमियानी रात गांधी चौराहे पर 19 वर्षीय अरुण बरगुंडा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में रवि माली के पुत्र युवराज माली एवं उसके साथी रोहित चौहान को गिरफ्तार किया गया था और दोनों वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में हैं।
समझौते के बहाने बुलाकर उतारा था मौत के घाट-
जांच में यह तथ्य सामने आया था कि लगभग आठ माह पहले अरुण बरगुंडा और युवराज के बीच विवाद हुआ था, जिसमें अरुण ने युवराज को थप्पड़ मार दिया था। इसी रंजिश के चलते कथित रूप से युवराज ने समझौते के बहाने अरुण को बुलाकर उसकी हत्या कर दी थी। अब पुलिस को आशंका है कि उसी घटना के प्रतिशोध में रवि माली को निशाना बनाया गया।
हत्या के बाद फूटा आक्रोश, तीन घंटे तक चक्काजाम-
रवि माली की हत्या की खबर फैलते ही परिजन और माली समाज के लोग आक्रोशित हो उठे। बड़ी संख्या में लोग शहर कोतवाली थाने पहुंचे और बाद में गांधी चौराहे पर धरना देकर चक्काजाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित रहा। बाद में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेर सिंह बघेल सहित प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
आठ सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन-
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष एवं मजिस्ट्रियल जांच, सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, आरोपियों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, सुरक्षा उपलब्ध कराने, आरोपियों का सार्वजनिक जुलूस निकालने, क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने तथा कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की। स्थानीय समाजसेवी पंकज चारोडिया ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस का पक्ष-
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेर सिंह बघेल ने बताया कि मामले में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों द्वारा रखी गई मांगों पर चर्चा की गई है तथा पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिसम्मत एवं कठोर कार्रवाई की जाएगी।