दौसा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण बस अग्निकांड ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मंगलवार देर रात हुए इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे में बचे यात्रियों ने जो दर्दनाक अनुभव साझा किए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं।
हादसे के बाद यात्रियों ने बताया कि कुछ ही पलों में बस में आग लग गई और लोग सीटों में फंसकर रह गए। चीख-पुकार के बीच किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
इंदौर की दिव्या ने रोते हुए बताया कि अचानक तेज झटका लगा और उनकी बच्ची का सिर सीट से टकरा गया। इसके बाद उन्होंने अपने पति को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन वह कहीं नहीं मिले। बच्चों को लेकर किसी तरह बस से बाहर निकलीं, लेकिन पति का पता नहीं चल सका।
वहीं जितेंद्र पांडेय ने बताया कि हादसे के बाद उनकी पत्नी सीट के पास फंस गई और उनके सामने ही आग की चपेट में आकर जल गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी कोशिश की, लेकिन वह अपनी पत्नी को बचा नहीं सके।
एक अन्य यात्री ने बताया कि बस में अफरा-तफरी मच गई थी और लोग मदद के लिए पुकारते रहे, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई कुछ नहीं कर सका। कई लोग सीटों में फंसकर रह गए और बाहर नहीं निकल पाए।
चंद्रप्रकाश ने बताया कि अचानक धमाके के बाद बस में धुआं भर गया और उनकी पत्नी उनके सामने ही जल गई। उन्होंने कहा कि लोग मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन हालात इतने भयावह थे कि किसी को बचाने का मौका नहीं मिला।
प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है, जबकि लापता लोगों की तलाश भी की जा रही है। हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।