नीमच। जिले में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए छह अलग-अलग मामलों में वाहन मालिकों पर कुल 3 लाख 88 हजार 975 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत की गई।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार नयागांव थाना क्षेत्र में बिना रॉयल्टी मुरूम का परिवहन करते पकड़े गए डंपर क्रमांक MP44ZG8103 के मालिक शेखर राव पिता कमल राव शिंदे निवासी जमुनिया खुर्द पर 2 लाख 12 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। इसमें 12 हजार रुपये रॉयल्टी का 15 गुना तथा 2 लाख रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति शामिल है।
इसी प्रकार जावद थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर क्रमांक MP44ZB0941 से बिना रॉयल्टी गिट्टी का परिवहन करने पर वाहन मालिक अजय पिता ओमप्रकाश, निवासी सरदार मोहल्ला, नीमच सिटी पर 30 हजार 400 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसमें 5,400 रुपये रॉयल्टी का 15 गुना एवं 25 हजार रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति शामिल है।
मनासा थाना क्षेत्र में जेसीबी क्रमांक MP44GA2254 से मुरूम का अवैध उत्खनन पाए जाने पर वाहन मालिक सुरेश पिता गिरधारी रावत, निवासी ग्राम खेजड़ी (कराड़िया बरलाई) पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जिसमें 15 हजार रुपये रॉयल्टी एवं 15 हजार रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति शामिल है।
नयागांव थाना द्वारा जब्त ट्रैक्टर MP44ZD0776 से रेत का अवैध परिवहन पाए जाने पर वाहन मालिक महेश पिता रामचंद्र जूनी, निवासी चिताखेड़ा पर 34 हजार 375 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। इसमें 9,375 रुपये रॉयल्टी का 15 गुना तथा 25 हजार रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति शामिल है।
इसी थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर AP27D2824 से खंडा पत्थर का अवैध परिवहन करने पर वाहन मालिक दशरथ पिता जीतमल खटीक, निवासी चेनपुरा पर 28 हजार 600 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसमें 3,600 रुपये रॉयल्टी का 15 गुना तथा 25 हजार रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति शामिल है।
वहीं सिंगोली थाना क्षेत्र में डंपर क्रमांक RJ06GF7870 से बिना रॉयल्टी गिट्टी का परिवहन करने पर वाहन मालिक जगदीश पिता लट्टूलाल धाकड़, निवासी डोबिया, भीलवाड़ा पर 53 हजार 600 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इसमें 3,600 रुपये रॉयल्टी का 15 गुना एवं 50 हजार रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति शामिल है।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने खनिज अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि अधिरोपित अर्थदंड की राशि 15 दिवस के भीतर शासकीय कोष में जमा होने की पुष्टि के बाद ही जब्त वाहनों को मुक्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध प्रशासन की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।