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June 12, 2024, 8:09 pm
BIG NEWS : नीमच की कृषि मंडी और किसान की मेहनत, जब नीलामी के लिए मंडी पहुंचती है उपज तो मिलते हैं ये भाव, फिर देखते ही देखते ऐसे आसमान छूते हैं दाम, कौन काट रहा है बीच में चांदी, पढ़े अब्दुल अली ईरानी की खास रिपोर्ट 

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नीमच‌। राजस्थान और मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर स्थित नीमच की कृषि उपज मंडी मालवा और मेवाड़ की बड़ी कृषि मंडियों में शुमार होती है। नीमच की कृषि मंडी में सरसों की आवक लगातार जारी है। आज भी करीब 600 से अधिक बोरी सरसों की आवक रही। भाव 4500 से 5500 हजार के बीच रहे। पिछले कुछ समय की बात की जाए तो सरसों के भावों को लेकर किसान बिल्कुल संतुष्ट नहीं है। 

उसका कहना है कि चुनाव के दौरान केंद्र और राज्य की सरकार लगातार किसान हितों की बातें कर रही थी। लेकिन उपज के जो भाव मिल रहे हैं, वह न्यायोचित नहीं है। किसानों को जो लागत आ रही है वह भी नहीं निकल पा रही। सरसों के भाव अपेक्षानुरूप ना मिलने से किसान मायूस हैं।

उनका कहना है कि किसानों को उपज के वाजिब दाम दिलाने को लेकर सरकारें मौन क्यों हैं? किसान की फसल जब बाड़े में या मंडी में रहती है तब किसानों को उपज का बहुत कम दाम मिलता है और यह जब उपभोक्ता तक पहुंचती है तो इसके दाम आसमान छूने लगते हैं। आखिर किसान के बाड़े, फिर मंडी और बाजार से उपभोक्ता तक के भाव में इतना बड़ा फर्क क्यों आ जाता है। यह जांच का विषय है कि इस पूरी कड़ी में चांदी कौन काट रहा है। 

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