नीमच। शहर में इमाम हुसैन की याद में हर साल की तरह इस साल भी इस्लामी माह मोहर्रम पर मंगलवार-बुधवार की रात में मनाया गया। ताजियों का कारवां अपने मुकाम से उठा और बाजार में निकला। देर रात तक छोटे-बड़े करीब 40 ताजिए नीमच कैंट के मुख्य मार्गों पर रहे, जिसके बाद फिर अल सुबह तक अपने मुकाम पर पंहुचे। इस दौरान ईमाम हुसैन की याद में शहर के विभिन्न स्थानों पर मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा सबीले लगाई, जहां पर राहगीरों के लिए पानी-शरबत इत्यादि का इंतजाम किया गया।
ताजियों का कारवां अपने मुकाम से बैंड-बाजों के साथ निकल कर मुख्य बाजारों में आया। जिसमें बैंड पर शहीद-ए-करबला की याद में सलाम, मरसिए पेश किए गए। इस दौरान अखाड़े में कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए।
वहीं शहर के कई स्थानों पर इस अवसर पर लंगर का आयोजन भी किया गया। देर रात तक शहर में लोगो की भारी भीड़ देखने को मिली, नीमच शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी लोग ताजिए को आप करवा देखने के लिए पहुंचे। इसके मद्देनजर, पुलिस और प्रशासन द्वारा शांति और सुरक्षा कायम रखने के लिए चप्पे चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए।
गौरतलब है कि मोहर्रम माह के 10 दिनों तक रोजाना मजलिस का आयोजन होता है, जिसमें इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कुर्बानी पर तकरीर की जाती है। आज बुधवार को मोहर्रम माह के अलसुबह 05 बजे ताजियों का कारवां अपने-मुकाम से निकलेगा, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ, फिर अपने मुकाम पर पहुंचेगा। शाम 4 बजे ताजिये निकलकर 10 बजे तक कंजारवाड़ा रोड स्थित कर्बला पहुंचेंगे जहां देर रात को इन्हें ठंडा किया जाएगा।