नीमच। मजदूरों, किसानों और कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को नीमच में ट्रेड यूनियनों एवं किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा, सीटू, इंटक सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य भारतमाता चौराहे पर एकत्रित हुए। यहां सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी करते हुए रैली निकाली गई।
रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए नीमच कैंट यातायात थाने पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में गिरफ्तारी दी। इस दौरान ट्रेड यूनियन नेताओं और सदस्यों ने मजदूर एवं किसान हितों से जुड़ी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
प्रदर्शनकारियों ने चार श्रम संहिताओं को वापस लेने, न्यूनतम वेतन बढ़ाने, अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने, किसानों को कानूनी रूप से एमएसपी की गारंटी देने, अफीम का मूल्य बढ़ाने, पुरानी पेंशन बहाल करने तथा सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने सहित 21 सूत्रीय मांगें उठाईं।
आंदोलनकारियों ने राज्यपाल के नाम 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसके बाद गिरफ्तारी आंदोलन के तहत बड़ी संख्या में ट्रेड यूनियन पदाधिकारी एवं सदस्य यातायात थाने पहुंचे और अपनी गिरफ्तारी दी।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आंदोलन केवल ज्ञापन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि मजदूरों, किसानों और कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी।