नीमच। कभी अपनी खेल प्रतिभा और बेहतरीन सुविधाओं के लिए पहचाना जाने वाला नीमच का ऐतिहासिक तरणताल आज एक नई कहानी बयां कर रहा है। एक ओर इसी पानी से निकलकर तैराक देश-दुनिया में नीमच का नाम रोशन कर रहे हैं, वर्ल्ड चैंपियनशिप और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में तिरंगा लहरा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यवस्थाओं की चुनौतियां खिलाड़ियों के सामने खड़ी हैं। यह वही तरणताल है, जिसने नीमच को कई अंतरराष्ट्रीय तैराक दिए, लेकिन अब सवाल है कि क्या सुविधाएं भी खिलाड़ियों की उड़ान के साथ कदमताल कर पा रही हैं? क्या जिस पानी में उतरकर खिलाड़ी पदक जीतने का सपना देख रहे हैं, वह पानी उनकी सेहत और प्रदर्शन के लिए पूरी तरह सुरक्षित है? वॉइस ऑफ एमपी की विशेष पड़ताल में सामने आई नीमच के ऐतिहासिक तरणताल की हकीकत... जहां प्रतिभा की कोई कमी नहीं, लेकिन आधुनिक सुविधाओं का इंतजार अब भी जारी है।
1978 में निर्मित इस तरणताल ने कई प्रतिभाशाली तैराक दिए-
वर्ष 1978 में निर्मित नीमच का ऐतिहासिक तरणताल कभी प्रदेश के प्रमुख स्विमिंग पूलों में गिना जाता था। इस तरणताल ने कई प्रतिभाशाली तैराक दिए हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीमच का नाम रोशन किया। वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन चैंपियनशिप सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में यहां के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। हालांकि, खिलाड़ियों की उपलब्धियों के मुकाबले तरणताल की सुविधाएं अब भी पुराने ढर्रे पर नजर आती हैं।
सीमित संसाधनों में भी शानदार प्रदर्शन-
मेंटर कोच प्रभु मूलचंदानी ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद नीमच के तैराक लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुके हैं और वर्तमान में भी एशियन व वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए चयनित हुए हैं। तैराकी के साथ ट्रायथलॉन और पेंटाथलॉन में भी खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पुराना फिल्टर प्लांट बनी बड़ी चुनौती-
तरणताल की सबसे बड़ी समस्या फिल्ट्रेशन सिस्टम को लेकर है। कोच के अनुसार फिल्टर प्लांट काफी पुराना हो चुका है और सीमित क्षमता में काम कर रहा है। आधुनिक फिल्ट्रेशन सिस्टम से पानी की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित वातावरण भी उपलब्ध हो सकेगा। इस संबंध में नगर पालिका और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की गई है।
डाइविंग पूल व आधुनिक सुविधाओं की मांग-
जिला तैराकी संघ अध्यक्ष अशोक मोदी ने कहा कि नीमच में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्होंने पूल की गहराई कम करने, अलग डाइविंग पूल, आधुनिक जिम और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत बताई। उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएं मिलने पर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुरक्षा मिल सकेगी।
बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ेगी खिलाड़ियों की उड़ान-
तैराक समीर जादोन ने कहा कि नीमच का तरणताल आज भी खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है। यदि फिल्टर प्लांट, प्रशिक्षण सुविधाओं और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर किया जाए तो नीमच तैराकी के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो सकता है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा- प्रक्रिया शुरू
नीमच नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति गौरव चोपड़ा ने कहा कि फिल्टर प्लांट की समस्या उनके संज्ञान में आई है। इसके समाधान के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तरणताल में आने वाले सभी तैराकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिकता है।