ग्वालियर। मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव को लेकर NSUI ने सरकार के सामने बड़ी मांग रखी है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के छात्रसंघ चुनाव कराने के आदेश के बाद NSUI ने प्रदेश में प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की है। ग्वालियर NSUI ने कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अगर प्रत्यक्ष चुनाव नहीं कराए गए तो संगठन सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगा।
ग्वालियर के शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय में NSUI ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रसंघ चुनाव को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। NSUI का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सरकार को छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया तय करनी है। संगठन की मांग है कि चुनाव अप्रत्यक्ष नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं। NSUI के मुताबिक, प्रदेश में पहले छात्रसंघ चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से हुए हैं,जिसमें CR के माध्यम से पदाधिकारियों का चयन किया जाता था।
संगठन का कहना है कि इस व्यवस्था में छात्रों की सीधी भागीदारी सीमित रह जाती है और चुनाव कुछ चुनिंदा लोगों तक सिमट जाता है। वहीं, प्रत्यक्ष चुनाव होने पर हर छात्र को अपने छात्रसंघ अध्यक्ष और प्रतिनिधि को सीधे वोट देकर चुनने का अधिकार मिलेगा। NSUI का तर्क है कि इससे हजारों छात्रों की चुनाव प्रक्रिया में सीधी भागीदारी होगी और चुने गए छात्र प्रतिनिधियों की जवाबदेही भी सीधे छात्रों के प्रति रहेगी। NSUI ने साफ चेतावनी दी है कि अगर मध्य प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से नहीं कराए गए, तो संगठन सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगा। NSUI का कहना है कि प्रत्यक्ष चुनाव की मांग को लेकर आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा।