चित्तौड़गढ़। सेन्टर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के ऑल इण्डिया जेल भरो आंदोलन के तहत स्वास्थकर्मी आशाओं ने इंदिरा गांधी स्टेडियम से रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट पहुँचे और अपनी मांगों को लेकर मानव श्रृंखला बना कर आधे घंटे तक नारेबाजी की। उसके बाद आशाओं ने जेल भरो आन्दोलन के तहत गिरफ्तारियाँ दी।
जानकारी देते हुए राधा जोशी व कमलेश पाराशर ने बताया कि आशावर्कर राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की रीढ़ है। वे गांव गांव तक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुँचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। सोमवार को प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया जिसमें बताया कि आशा वर्कर के हितों की रक्षा और बेहतर कार्य का वातावरण उपलब्ध करना सरकारी प्राथमिकताओं में शामिल हो साथ ही पूर्व घोषित 1500 रुपये की बढ़ोतरी को तुरंत लागू की जावे, आशा वर्करों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देते हुए न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये मासिक व सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जावे, मातृत्व एवं चिकित्सा अवकाश, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष किया जावे। वेतन को महंगाई भत्ते से जोड़ा जावे, हड़ताल की अवधि में काटे गये मानदेय की बहाली की जावे, आयुष्मान भारत के तहत सभी आशा वर्कर व उनके परिजनों के बेहतर उपचार की व्यवस्था की जावे, सेवानिवृत्ति पर आशाओं को 3 लाख रुपये दिये जावे, आशावर्कर फिल्ड के दौरान कार्य करती है इस दौरान कई घटना, दुर्घटना पर मृत्यु होने पर परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, अक्टूबर माह से बकाया पीसीटीएस का बकाया भुगतान सुनिश्चित हो, ऑनलाईन कार्य करने के लिए नया मोबाईल व डाटा, ऑनलाईन कार्य का इंसेन्टिव सहित ाशा वर्कर को अस्पताल में बैठने के लिए निर्धारित स्थान तय किये जाने की मांग की गई।
इस दौरान आशा लीडर चंदा सुखवाल, चांदनी बैरागी, मधु वैष्णव, प्रीति, रेखा शर्मा, भगवती गुर्जर, गुलबार, राजश्री, नसीम बानो, सीमा शर्मा, दुर्गा पारिक, रानु शर्मा, कमलेश पाराशर, इन्द्रा सेन, संतोष चारण, रेखा सालवी, राधा जोशी, रीना व्यास, मंजु जाट, पारस शर्मा, पारस गाडरी, भावना जोशी सहित सीटू के अध्यक्ष आरके सिंह, प्रभारी आरके स्वामी, हनीफ मोहम्मद मंसूरी, उपाध्यक्ष रतनलाल शर्मा, कालूराम सुथार, गोपाल शर्मा, राजीविका से कैलाश कंवर मौजूद रहे।