पोलायकलां। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को क्षेत्र में भगवान शिव की भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही बारिश का दौर जारी रहा मानो इन्द्रदेव स्वयं पांडव कालीन बाबा हिमालेश्वर व शानेश्वर ओकारेश्वर का रुद्राभिषेक करने के लिए बरस रहे हों। लगातार हुई बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में भक्त पांडव कालीन बाबा हिमालेश्वर के दर्शन करने पहुंचे।
श्रावण सोमवार के अवसर पर बाबा हिमालेश्वर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं रुद्राभिषेक किया गया। मंदिर परिसर में सुबह से ही हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण शिवमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जल, दूध, बिल्वपत्र एवं पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
बारिश के बीच हुआ कन्या भोज
इस अवसर पर कन्याभोज समिति मोरटा केवड़ी द्वारा कन्या भोज का आयोजन किया गया। बारिश के बावजूद समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ आयोजन को संपन्न कराया। कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया गया तथा आशीर्वाद लिया गया।वहीं लगातार हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं रोक सकी। कई भक्त बारिश में भीगते हुए मंदिर पहुंचे और बाबा हिमालेश्वर के दर्शन किए। बारिश की बूंदों के बीच मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और भोलेनाथ के जयकारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
नगर भ्रमण पर निकले बाबा शनेश्वर ओंकारेश्वर
श्रद्धालुओं का कहना था कि श्रावण मास में बाबा के दर्शन और पूजा का विशेष महत्व है। सोमवार के दिन बारिश के बीच बाबा शनेश्वर ओकारेश्वर की पालकी शिवालय से 6 बजे प्रारंभ हुई गिरते पानी के बीच में बाबा अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए पालकी में सवार होकर निकले जहां पर भक्तों के द्वारा जगह-जगह विशेष पूजा अर्चन करके आशीर्वाद लिया गया और सुख समृद्धि की कामना की ओर बाबा के दर्शन करने के बाद अपने आप में सौभाग्य और आस्था का अनुभव रहा। पूरे सावरी के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। बारिश को श्रद्धालुओं ने बाधा नहीं बल्कि बाबा भोलेनाथ की कृपा और इन्द्रदेव द्वारा किए गए रुद्राभिषेक के रूप में देखा।