उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर से भगवान महाकाल की श्रावण-भादौ मास में सवारियां निकाली जाती है। इस बार श्रावण मास की प्रथम सवारी 22 जुलाई को निकाली जाएगी। पहली सवारी के दौरान ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर जनजातिय नृत्य दल के समूह भी शामिल किए जाएंगे। पहली सवारी में कौन से जिले से समूह शामिल होगा। इसको लेकर तैयारी प्रारंभ हो गई है।
श्री महाकालेश्वर मंदिर से भगवान महाकाल की श्रावण मास में पांच सवारी एवं भादौ मास में दो सवारी निकलेगी। श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली सवारियों के क्रम में प्रथम सवारी सोमवार 22 जुलाई, द्वितीय सवारी 29 जुलाई, तृतीय सवारी 5 अगस्त, चतुर्थ सवारी 12 अगस्त, पंचम सवारी 19 अगस्त को श्रावण मास में निकाली जायेगी। इसी तरह भादौ मास में षष्टम सवारी 26 अगस्त तथा शाही सवारी 2 सितम्बर को निकाली जायेगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक मृणाल मीना ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार पहली सवारी में ही प्रदेश के जिलों के जनजातिय नृत्य समूह को भी शामिल किया जा रहा है। इसके लिए संस्कृति विभाग के माध्यम से तैयारी की जा रही है। यह तय किया जा रहा है कि कौन सा समूह शामिल होगा और नृत्य दल के कितने सदस्य रहेगेें। इस बार सवारी का स्वरूप भव्य होगा। भगवान की पालकी के दर्शन भी एलईडी के माध्यम से कराए जाएंगे। संभवना है कि बाबा महाकाल की पहली सवारी के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हो सकते है।
यह रहेगा सवारी मार्ग
श्री महाकालेश्वर मन्दिर के सभा मण्डप में पूजन-अर्चन कर सवारी अपने निर्धारित समय सांय 4 बजे प्रारम्भ होकर मन्दिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा भगवान श्री महाकाल को सलामी देकर सवारी गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी से होते हुए रामघाट शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां सवारी का पूजन-अर्चन होने के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मन्दिर, सत्यनारायण मन्दिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होती हुई श्री महाकालेश्वर मन्दिर में वापस आएगी।