मनासा। मुस्लिम समाज द्वारा कल मोहर्रम का पर्व मनाया गया। ताज़िए बनाकर एक जलसा भी नगर के मुख्य मार्गाे से अखाड़ों के साथ निकाला गया। मोहर्रम की दस तारीख को कर्बला में इमाम हुसैन को जलती रेती पे तीन दीन के भूखे प्यासे को शिम्र ने शाहिद किया था। ताज़िए उन्हीं की याद में मनाते हैं। मोहर्रम की दस तारीख हजरत पैगम्बर साहब को दिए वादे के अनुसार इस्लाम को बचाने के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। कर्बला में इमाम हुसैन तन्हा रन के मैदान में खड़े हैं। चारों तरफ से तीर भालों की बौछार हो रही थी। आप जमीन पे गिरे शिमर ने सजदे में इमाम हुसैन को शहीद कर दिया। उन्हीं की याद में हर वर्ष ताज़िए बनाकर मोहर्रम का पर्व मनाते है व इमाम हुसैन की प्यास को याद करके पानी, दूध, शरबत की छबील भी लगाते हैं।