इंदौर। कोटा से हिसार के बीच चलने वाली ट्रेन को उज्जैन के रास्ते इंदौर तक जोड़ने की मांग उठी है। दरअसल कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस कोटा में 18 घंटे तक खड़ी रहती है। इस ट्रेन के इंदौर तक बढ़ने से यहां के यात्रियों को खाटू श्याम जी तक सीधी ट्रेन मिल सकेगी। जबकि हिसार से कोटा के बीच के यात्रियों को एक साथ दो ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर के दर्शन करने के लिए ट्रेन की कनेक्टिविटी मिल जाएगी।
19807/08/13/14 कोटा-सिरसा-कोटा एक्सप्रेस ट्रेन का विस्तार नागदा, उज्जैन के रास्ते इंदौर जंक्शन करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है।
श्री महाकाल लोक बनने से धर्म नगरी उज्जैन में राजस्थान और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं कि संख्या में इजाफा हुआ है। इसलिए 19807/08/13/14 कोटा-सिरसा एक्सप्रेस का विस्तार इंदौर तक करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है।
कोटा-हिसार एक्सप्रेस कोटा रेलवे स्टेशन पर 18 घंटे खड़ी रहती है। इस समय का सदुपयोग करके इसका इंदौर तक विस्तार किया जा सकता है। श्री महाकाल ज्योतिर्लिंग-उज्जैन, ज्योतिर्लिंग से खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी सीकर, जयपुर, इंदौर, हिसार, उज्जैन, ओंकारेश्वर की डायरेक्ट कनेक्ट हो सकेंगे।
रेलवे अप डाउनर्स प्रोग्रेसिव वेलफेयर एसोसिएशन और कोटा-नागदा सेक्शन की अलग-अलग रेलयात्री समितियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रेलमंत्री के नाम ज्ञापन लिखकर इस ट्रेन को सप्ताह में तीन दिन तक इंदौर तक बढ़ाने की मांग की है।