खरगोन। एमपी में लगभग एक दशक से बंद मिट्टी परीक्षण लैब का शीघ्र संचालन होने की उम्मीद बढ़ गई है। प्रदेश सरकार कृषि स्नातक युवाओं व संस्थाओं को यह जिम्मेदारी सौंपने जा रही है। प्रदेश में 265 मिट्टी परीक्षण लैब का संचालन निजी हाथों में होगा। युवा उद्यमी व निजी संस्था प्रतिनिधि मिट्टी परीक्षण का नमूना संग्रहित पर उसकी रिपोर्ट तैयार कर किसानों को सौंपेंगे।
कृषि विभाग स्थानीय जिला स्तर पर नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगी। मिट्टी लैब संचालन के लिए युवा उद्यमी व संस्थाओं को 18 अक्टूबर तक ऑनलाइन पंजीयन करना होगा।
उप संचालक कृषि खरगोन एमएस सोलंकी ने बताया प्रयोगशालाओं को युवा उद्यमियों व संस्थाओं के माध्यम से मृदा नमूना परीक्षण कराने के लिए आवंटन किया जाएगा। शासन स्तर पर यह निर्देश मिले हैं। इस संबंध में कार्रवाई चल रही है। किसानों को मिट्टी के नमूनों की जांच में आसानी होगी।
9 साल पहले नई लैब बनाई थी, अभी भी बंद है
प्रदेश में 2015-16 में नवीन मिट्टी परीक्षण लब तैयार कराई गई थी। यहां पर भवन के अलावा अन्य संसाधन व स्टाफ नहीं भेजा गया, इस वजह से यह धूल खा रही है। फिलहाल यह बंद पड़ी है। ग्रामीण स्तर के सारे नमूने जिला मुख्यालय पर भेजे जा रहे हैं। वहां काम का लोड बढ़ रहा है। इस वजह से रिपोर्ट तैयार होने में भी देरी हो रही है। स्थानीय विकासखंड स्तर पर मिट्टी परीक्षण लैब की सुविधा का किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है।
खरगोन जिले में है 8 लैब
खरगोन जिले में विकासखंड स्तर पर 8 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं हैं। यह गोगांवा, सेगांव, भीकनगांव, भगवानपुरा, झिरन्या, कसरावद, महेश्वर एवं बड़वाह में संचालित है।