शिवपुरी। शिवपुरी जिले के ऐतिहासिक नरवर किले से सिंधिया रियासत की करीब 400 साल पुरानी दुर्लभ तोप चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 3500 किलो वजनी इस ऐतिहासिक तोप को बदमाश सुनियोजित तरीके से किले से नीचे उतारकर वाहन में ले गए। अंतरराष्ट्रीय एंटीक ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत 3 से 5 करोड़ रुपये तक आंकी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, चोरों ने पहले तोप को गद्दों और रजाइयों में लपेटा, फिर बैरिंग लगी लोहे की ट्रॉली की मदद से करीब 3000 फीट नीचे उतारा और लोडिंग वाहन में रखकर फरार हो गए। घटना 15-16 जुलाई की रात की बताई जा रही है। वारदात के समय किले पर तैनात दोनों सुरक्षा गार्ड ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि 4-5 जुलाई की रात भी इसी तोप को चुराने की कोशिश की गई थी, लेकिन अधिक वजन के कारण बदमाश उसे ले जाने में सफल नहीं हुए। उस समय शिकायत दर्ज होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था नहीं बढ़ाई गई।
नरवर किले की ओपन कचहरी में पहले सिंधिया काल की 14 ऐतिहासिक तोपें रखी थीं। इस चोरी के बाद अब वहां केवल 13 तोपें बची हैं। चोरी हुई तोप पीतल, तांबा, कांसा और अष्टधातु जैसी मिश्रित धातुओं से बनी थी, जिस पर फारसी और देवनागरी लिपि में शिलालेख अंकित थे।
राज्य पुरातत्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया। घटनास्थल से गद्दे, रजाई, लोहे के पाइप, घसीटने के निशान और भारी वाहन के टायरों के निशान मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि इस वारदात के पीछे अंतरराष्ट्रीय एंटीक तस्करों का गिरोह हो सकता है।
जांच के दौरान सुरक्षा गार्डों ने भी ड्यूटी में लापरवाही स्वीकार की है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चोरी में इस्तेमाल वाहन और आरोपियों की पहचान के लिए घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच की जा रही है।