नाथद्वारा। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, नाथद्वारा के तत्वावधान में नवनिर्मित श्री गुरु गौतम सेवा संस्थान एवं जसवंतलाल गिरधरलाल शाह (दूधावाला) जैन स्थानक के भव्य लोकार्पण तथा वर्षावास-2026 के चातुर्मास मंगल प्रवेश समारोह का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। समारोह में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं गुरु भक्तों ने भाग लेकर आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
इस अवसर पर जैन दिवाकरिय गुरु प्रताप शिष्य श्रमण संघीय उपाध्याय प्रवर पूज्य गुरुदेव डॉ. श्री गौतम मुनि जी म.सा. एवं मेवाड़ गौरव तपस्वी रत्न पूज्य श्री वैभव मुनि जी म.सा. आदि ठाणा-2 का मंगल सान्निध्य प्राप्त हुआ। गुरु भगवंतों के मंगल प्रवचन एवं आशीर्वचनों का लाभ लेने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
कार्यक्रम में सिकंदराबाद, हैदराबाद, मुंबई, पुणे, जालना, मालेगांव, इंदौर, रतलाम, जावरा, मंदसौर, नीमच, निम्बाहेड़ा, चित्तौड़गढ़, बड़ी सादड़ी, डूंगला एवं उदयपुर सहित देश के विभिन्न नगरों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
समारोह में अखिल भारतीय श्री जैन दिवाकर संगठन समिति (पंजी.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. इंद्रमल सेठिया (चित्तौड़गढ़), राष्ट्रीय महामंत्री राकेश मेहता (जावरा), राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संतोष चोपड़ा (नीमच), राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सिद्धराज संघवी (निम्बाहेड़ा) सहित संगठन के अनेक राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पूज्य श्री वैभव मुनि जी महाराज की पावन जन्मस्थली पर उनके सांसारिक पिताश्री का अखिल भारतीय श्री जैन दिवाकर संगठन समिति की ओर से मेवाड़ी पगड़ी, शाल एवं उपरणा ओढ़ाकर भव्य अभिनंदन किया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
समारोह के दौरान गुरु भगवंतों के मंगल प्रवेश, धर्मसभा, प्रवचन एवं आशीर्वचनों से संपूर्ण वातावरण धर्ममय एवं भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु भगवंतों के श्रीचरणों में वंदना कर धर्मलाभ प्राप्त किया। नवनिर्मित श्री गुरु गौतम सेवा संस्थान को समाज में धर्म, सेवा, संस्कार एवं सामाजिक चेतना के सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित होने की मंगलकामनाएं भी व्यक्त की गईं।
अंत में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, नाथद्वारा ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, गुरु भक्तों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। देशभर से उमड़ी श्रद्धा और अनुशासित व्यवस्थाओं ने इस समारोह को ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय बना दिया।