नीमच। जिले में मानसून के आगमन में देरी एवं बारिश के लंबे अंतराल को देखते हुए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर कृषि विभाग ने किसानों के लिए समसामयिक तकनीकी सलाह जारी की है। उप संचालक कृषि नगीन सिंह रावत ने किसानों से अपील की है कि वे वर्तमान परिस्थितियों में खड़ी फसलों को सुरक्षित रखने एवं भूमि में उपलब्ध नमी का संरक्षण करने के लिए वैज्ञानिक कृषि उपाय अपनाएं, ताकि फसलों पर सूखे के प्रभाव को कम किया जा सके।
उप संचालक कृषि ने बताया कि भूमि में नमी बनाए रखने के लिए किसान खेतों में शीघ्र निंदाई-गुड़ाई करवाएं तथा डोरा अथवा कुलपा अवश्य चलाएं। इससे मिट्टी की ऊपरी सतह की केशिकाएं (कैपिलरी) टूट जाती हैं, जिससे भूमि की नमी का वाष्पीकरण कम होता है और फसल को लंबे समय तक नमी मिलती रहती है।
उन्होंने किसानों को खरपतवार नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। खरपतवार फसल के लिए उपलब्ध नमी एवं पोषक तत्वों का उपयोग कर लेते हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। समय पर खरपतवार नियंत्रण करने से फसल को पर्याप्त पोषण एवं नमी मिल सकेगी।
कृषि विभाग ने सीमित सिंचाई सुविधा वाले किसानों को ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों का उपयोग करने की सलाह दी है। इससे कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव होती है और जल का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।
विभाग ने किसानों से अपनी फसलों की नियमित निगरानी करने तथा कीट या रोग का प्रकोप दिखाई देने पर तत्काल कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग से संपर्क कर वैज्ञानिक सलाह लेने की अपील की है।
कृषि विभाग ने बताया कि समय पर अपनाए गए ये उपाय भूमि में नमी संरक्षण के साथ फसलों की बेहतर वृद्धि एवं उत्पादन बनाए रखने में सहायक होंगे। किसान भाई मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए विभाग द्वारा जारी तकनीकी सलाह का पालन कर संभावित नुकसान से अपनी फसलों को बचा सकते हैं।